उपलाब्धियाँ

१ मैं आपने उपलब्धियो को दो भागो में विभक्त करते हुए आपके सम्मुख विनम्रता पूर्वक प्रस्तुत कर रहा हूँ
मेरी उपलाब्धियाँ निम्नलिखित हैं –
(क) लौकिक (ख) अलौकिक

लौकिक उपलब्धियाँ

१. “ तानसेन समारोह ग्वालियर -२०१२ ”
२. “ आकाशवाणी प्रसार भारती “ द्वारा “रविवासरीय अखिल भारतीय संगीत सभा (नेशनल प्रोग्राम) २०१५ “ में प्रस्तुति
३. “प्रसार भारती आकाशवाणी”, वाराणसी से “ए” ग्रेड कलाकार की उपाधि -२०१४
४. “ कालिदास समारोह उज्जैन -२०१७ “
५. " फ्रांस रेडियो” से मेरे द्वारा प्रस्तुत ध्रुपद गायन का प्रसारण -२००३
६. “ कर्णाटक संगीत नृत्य अकादेमी” द्वारा १० दिवसीय ध्रुपद कार्यशालाओं को कुशलता पूर्वक संचालित कर ध्रुपद का शिक्षा देना
७. “ संगीत नाटक अकादमी – नईदिल्ल” द्वारा “ध्रुपद महत्सव, कोलकाता” में ध्रुपद गायन की प्रस्तुति
८. “उत्तरप्रदेश संगीत नाटक अकादमी” द्वारा आयोजित शास्त्रिय संगीत प्रतियोगिता में निश्छल एवं कुशलता पूर्वक निर्णायक की भुमिका का निर्वहन किया
९. “स्वर्ण संगीत प्रतिभा एवं ध्रुपद महोत्सव” (राष्ट्रीय संगीत नाटक आकादमी, नईदिल्ली) में मंच प्रस्तुति २००४ एवं २०११
१०.”स्वामी भगवनदास ध्रुपद समारोह” (उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी, लखनऊ) में पांच बार मंच प्रस्तुति

सम्मान


“संस्कार भारती” द्वारा “कला ऋषि श्री योगेद्र बाबा सम्मान” ७ जनवरी २०१४

“संस्कार भारती” द्वारा “संस्कार भारती पूर्वोत्तर दृष्टि(ग्रैटीट्यूड अवार्ड)” २०१३

“नार्थ अमेरिकन ध्रुपद एसोसिएशन (नादा) ब्रक्ले यु.एस.ए" द्वारा “ध्रुपद गायक” सम्मान १९९९ I

अलौकिक उपलब्धियाँ

“नाद्” स्वयं में उपलब्धि हैं, नाद् एक “सोच एवं सिद्धि” का नाम हैं इस आधार से नाद् की प्राप्ति नहीं इसकी “उपलब्धि” होती हैं गुरु – शिष्य परंपरा के अंतर्गत मैं गुरुओं से प्राप्त दीक्षा, षड्चक्रों एवं अष्टनादात्मक कोषों के माध्यम से नाद् – भेद (विभिन्न प्रकार की ध्वनियाँ) कि क्रियाओं को प्रयोगात्मक रूप से जनते तथा समझते हुए एवं ब्रह्म मुहूर्त में नाद् योग द्वारा “चैतन्य शक्तियों” (COSMIC ENERGY) की उपलब्धियाँ यही मेरी वास्तविक तथा सत्य उपलब्धियाँ हैं इसके द्वारा भारत के कई प्रतिष्ठित वैदिक गुरुकुलों में सम्पूर्ण समर्पण भाव से नाद् – योग की शिक्षा देना मैं आप सभी के सामने ध्रुपद का स्वतंत्र कलाकार हूँ परन्तु समस्त कलाकार के पीछें उसकी साधना होती हैं वह साधक होता हैं साधना को आधार मानकर मेरी नित्य प्रतिदिन वास्तविक उपलाब्धियाँ हो रही हैं जिसका कोई लौकिक मापदंड एवं प्रमाण प्रस्तुत नहीं कर सकता

पुनः एक बार मैं दोहराना चाहता हूँ कि मेरा वास्तविक एवं सत्य उपलब्धि अलौकिक हैं